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जैसा कि आप जान ही चà¥à¤•े होंगे कि शिशॠजनà¥à¤® के à¤à¤•-दो महीने बाद से ही कà¥à¤› न कà¥à¤› नया सीखने लगते हैं। उनका सिरà¥à¤« शारीरिक ही नहीं, बलà¥à¤•ि मानसिक और यहां तक कि à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास à¤à¥€ होने लगता है। 6 महीने के शिशॠका विकास तो पहले के कà¥à¤› महीनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक होने लगता है और वह कई और नई चीजें जानने लगता है। बता दें कि ये विकास à¤à¤• औसतन अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के तौर पर है। हर बचà¥à¤šà¥‡ की विकास कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अलग-अलग हो सकती है। यह संà¤à¤µ हो सकता है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ 6 महीने में विकास की सही कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ न कर सके। आमतौर पर 1-2 महीने की à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ देखी जा सकती है। वहीं, अगर 2 महीने से अधिक देरी हो जाती है, तो बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानिठबचà¥à¤šà¥‡ से विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी।
चीजों को मà¥à¤‚ह में लेना – छठे महीने में शिशॠसामने पड़ी चीजों को मà¥à¤‚ह में लेना सीखने लगते हैं। इसलिà¤, इस दौरान माता-पिता को थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधान रहना चाहिठऔर शिशॠपर हर वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, ताकि वो नीचे पड़ी चीजों को या खिलौनों को मà¥à¤‚ह में न ले सकें।
आवाजों की नकल करना – जब शिशॠ6 महीने का हो जाता है, तो वह अकà¥à¤¸à¤° आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र उसकी नकल उतारने की कोशिश करने लगता है। कई बार तो वह अपने आस-पास लोगों को देखकर à¤à¥€ उनकी नकल उतारने की कोशिश करता है
नाम सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने नाम को à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ और पहचानने लगते हैं। जब कोई उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके नाम से पà¥à¤•ारता है, तो वो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं
चीजों को लेकर उतà¥à¤¸à¥à¤• होना – इस उमà¥à¤° में शिशॠचीजों को लेकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ होने लगते हैं। उनके सामने अगर कà¥à¤› रखा हो, तो वो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छूने और पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही आस-पास रखी चीजों को देखने लगते हैं ।
आवाजें निकालने लगते हैं – 6 महीने के शिशॠतरह-तरह की धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकालने लगते हैं साथ ही मां, डाडा, बाबा जैसे शबà¥à¤¦ बोलने की कोशिश करने लगते हैं। इतना ही नहीं आइने में देखकर या खिलौनों की आवाज सà¥à¤¨à¤•र या उनके साथ खेलते हà¥à¤ वो अपनी à¤à¤¾à¤·à¤¾ में गाने की à¤à¥€ कोशिश करते हैं या तरह-तरह की आवाजें निकालने लगते हैं। यहां तक कि खà¥à¤¦ की आवाज सà¥à¤¨à¤•र à¤à¥€ खà¥à¤¶ हो जाते हैं। छह माह के शिशॠअपनी खà¥à¤¶à¥€ और दà¥à¤– को पà¥à¤°à¤•ट करने के लिठà¤à¥€ आवाजें निकालते हैं। वो रोने या चिलà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ लगते हैं, ताकि लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ उनकी तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो।
चीजों को पकड़ना और लोगों को देना – इस उमà¥à¤° में शिशॠन सिरà¥à¤« चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं, बलà¥à¤•ि अगर उनके हाथ में पकड़ी हà¥à¤ˆ चीज को मांगा जाà¤, तो वो देना à¤à¥€ सीखने लगते हैं। इतना ही नहीं, अगर उनके हाथ में पकड़ी हà¥à¤ˆ चीज गिर जाà¤, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता होता है कि उसे उठाना à¤à¥€ है।
शारीरिक विकास
रंगों में फरà¥à¤• करना – 6 महीने में शिशॠकी आंखों में à¤à¥€ बदलाव होने लगता है यानी उनकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ तेज होने लगती है। वो दो रंगों के बीच अंतर समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और उनके सामने अगर कोई रंग-बिरंगी किताब या खिलौने हों, तो वो लगातार कई देर तक उनको देखना पसंद करते हैं
आंखों और हाथ के बीच तालमेल – छठे महीने में शिशॠके आंख और हाथ का तालमेल बैठने लगता है। वो जिन चीजों को देखते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ने की à¤à¥€ कोशिश करते हैं, à¤à¤²à¥‡ ही वो वसà¥à¤¤à¥ न हिले।
सà¤à¥€ उंगलियों के साथ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को पकड़ना – छठे महीने में शिशॠछोटी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को अपनी सारी उंगलियों के साथ पकड़ना सीख जाते हैं। अगर आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो आप गौर करेंगे कि आपका शिशॠधीरे-धीरे बोतल पकड़ना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है ।
बिना सहारे के बैठना – 6 महीने में शिशॠकी मांसपेशियां और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होने लगती है और वो बिना किसी सहारे के बैठना सीखने लगते हैं। यहां तक कि वो सिर को सीधा करना à¤à¥€ सीखने लगते हैं और जब वो पेट के बल लेटते हैं या किसी के गोद में जाते हैं, तो सिर को सीधा रखने की कोशिश करने लगते हैं और गरà¥à¤¦à¤¨ को इधर-उधर घà¥à¤®à¤¾à¤•र आस-पास की चीजों को à¤à¥€ देखने लगते हैं ।
दांत आना – छठे महीने में शिशॠको दांत आने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं , इसी कारण उनके मसूड़ों में सिहरन होनी शà¥à¤°à¥‚ होती है और वो चीजों को काटना à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करने लगते हैं। वहीं, à¤à¤• सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ के दांत निकलने में 13 महीने तक की देरी हो सकती है। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ के दांत 6 महीने में नहीं निकलते हैं, तो चिंता की बात नहीं है। शिशॠके दांत निकलने के लिठआप और 6 से 7 महीने तक का इंतजार कर सकते हैं।
हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार के लिठतैयार – जैसा कि हमने ऊपर बताया कि छठे महीने में शिशॠको दांत आने लगते हैं, लेकिन इसी के साथ उसकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पहले के मà¥à¤•ाबले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मजबूत हो जाती है। इसलिà¤, शिशॠको मां के दूध के साथ-साथ ठोस आहार देने की à¤à¥€ जरूरत होती है। à¤à¤¸à¥‡ में जब कोई उनके सामने कà¥à¤› खाता है, तो वो à¤à¥€ खाने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤•ता दिखाने लगते हैं । इसके अलावा, अगर 6 महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के दांत न आठहों, तो à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थोड़ा-बहà¥à¤¤ ठोस आहार दिया जा सकता है। 6 महीने से बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध के साथ-साथ पूरक आहार की à¤à¥€ जरूरत होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पोषण मिलता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आपका शिशॠहलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार के लिठतब ही तैयार होगा, जब वो अपने गरà¥à¤¦à¤¨ और सिर को सही तरीके से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर बैठना सीखने लगे। हालांकि, शिशॠको ठोस आहार देने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ à¤à¤• बार जरूर बात करें और शिशॠको कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं उसका à¤à¤• आहार चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ लें ।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
परिचित लोगों के पास और अजनबी से दूरी – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने आस-पास रहने वाले लोगों को पहचानने लगते हैं। अपने माता-पिता और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को दूर से ही पहचानने लगते हैं, लेकिन वहीं किसी अनजान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को देखकर घबरा जाते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर डर जाते हैं और रोने लगते हैं ।
माता-पिता के साथ खेलना – शिशॠमाता-पिता के साथ खेलना और वकà¥à¤¤ बिताना पसंद करने लगते हैं । कई बचà¥à¤šà¥‡ तो अगर पूरे दिन के बाद अपने पिता को देखते हैं, तो खिलखिलाकर खेलने के लिठइशारा à¤à¥€ करते हैं।
दूसरों के à¤à¤¾à¤µ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ दूसरों के हाव-à¤à¤¾à¤µ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना सीखने लगते हैं। अगर उनके सामने कोई खà¥à¤¶ है, तो वो à¤à¥€ अपने हाव-à¤à¤¾à¤µ से खà¥à¤¶à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करेंगेलेकिन अगर कोई दà¥à¤–ी है खासकर वो जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो पहचानते हैं, तो वो à¤à¥€ दà¥à¤–ी हो जाते हैं और रोने लगते हैं। अगर उनके पास बैठा कोई बचà¥à¤šà¤¾ रो रहा हो, तो वो à¤à¥€ रोना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं।
आगे हम आपको 6 महीने के शिशॠको लगाठजाने वाले टीकों की जानकारी देंगे।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगने चाहिà¤?
अगर छठे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² की बात करें, तो इसमें शिशॠका टीकाकरण होना जरूरी है। 6 महीने के शिशॠका विकास सही से हो, उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही वकà¥à¤¤ पर सही टीकाकरण कराना बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• है, ताकि बीमारियों से उनका बचाव हो सके। इसलिà¤, नीचे हम आपको 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगवाने चाहिà¤, उसके बारे में बता रहे हैं।
6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
शिशॠजैसे-जैसे बड़ा होता है, उसकी à¤à¥‚ख और खाने-पीने की आदतें à¤à¥€ बदलने लगती हैं। 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥€ दूध पीने की आदतों में बदलाव होने लगता है। इसलिà¤, नीचे हम आपको 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है, उस बारे में जानकारी दे रहे हैं।
मां का दूध – यह तो लगà¤à¤— सà¤à¥€ जानते हैं कि 6 महीने तक शिशॠके लिठमां का दूध ही जरूरी होता है, लेकिन छठे महीने में शिशॠको हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े ठोस आहार à¤à¥€ देना जरूरी होता है। इस दौरान, शिशॠको औसतन 700 से 800 à¤à¤®à¤à¤² पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ मां के दूध की जरूरत होती है । कà¥à¤› शिशॠइससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम दूध à¤à¥€ पी सकते हैं। यह पूरी तरह से उसकी à¤à¥‚ख व गतिविधियों पर निरà¥à¤à¤° करता है।
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